Thursday, March 26, 2026

रौशनी

वो रौशनी ही क्या रौशनी जिसमें वो न दिखे, 

वो हुस्न ही क्या हुस्न जो रौशनी में दिखे। 

दिखे तो फिर वो  इस तरह दिखे, 

कि रूह--मुकम्मल बे-रौशनी दिखे।

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